जल्द ही भारत में रफ़्तार भरेंगी बुलेट ट्रेन |

लम्बे समय से बुलेट ट्रेन का इंतज़ार कर रहे भारत के लोगों का सपना जल्द ही पूरा होने जा रहा है | रेल मंत्रालय ने ट्वीट के द्वारा इस बात की जानकारी दी | ट्वीट में बताया गया की वर्ष 2026 तक बुलेट ट्रेन का काम पूरा कर लिया जायेगा | और वर्ष 2027 के शुरआती महीनों से लोग इसमें सफर कर सकेंगे | bullet train से जुडीं खबर को पूरा जानने के लिए हमारे आर्टिकल को जरूर पढ़े |

क्या होती है बुलेट ट्रेन ? 

तेज गति से चलने वाली ट्रेन को बुलेट ट्रेन कहा जाता है | इन ट्रेनों की गति लगभग 200 से 400 किमी / घंटा रहती है | इन ट्रेनों की रफ़्तार बंदूक से निकली बुलेट के समान होती है इसलिए इसे बुलेट ट्रेन कहा गया | 

सबसे पहली बुलेट ट्रेन ?

सबसे पहली बुलेट ट्रेन चलाने वाला देश जापान था जिसने 1 अक्टूबर 1964 की टोक्यो से ओसाका तक इसका संचालन किया | उस समय इस ट्रेन की अधिकतम गति 200 किमी/घंटा थी | सामान्यतः इन ट्रेनों की रफ़्तार 200 से 250 किमी/ घंटा रहती है | जापान ने 581 किमी/ घंटा की रफ़्तार से बुलेट ट्रेन चला कर रिकॉर्ड बनाया है |  

बुलेट ट्रेन की खासियत 

  • कम समय में अधिक दूरी – लोग अक्सर ट्रेनों की लेट – लतीफी से परेशान रहते है | वहीं घंटो इंतज़ार करने के बाद कभी कभी ट्रेनों के निरस्त हो जाने की खबर मिलती है | इन सब से परेशान लोगो को bullet train के संचालन के बाद काफी सुविधा मिलेगी | 
  • आरामदायक सफर – यह ट्रेन समय से अपने गंतव्य स्थान पर पहुचेंगी साथ ही लोगों को आरामदायक सफर का अनुभव भी कराएंगी | भारतीय रेल में सीटों को लेकर काफी मारामारी रहती है | इसके संचालन के बाद लोगों को काफी सुविधा मिलेगी | 
  • मनोरंजन के साथ सफर – अगर सफर लम्बा हो तो बिना मनोरंजन के काफी बोरिंग लगने लगता है ऐसे में अगर आपको सफर में मूवीज, सांग आदि देखने या सुनने को मिले तो सफर आराम से काट जाता है |
  • फ़ूड फसिलिटी – सफर में यदि आपको रिफ्रेशमेंट के लिए कुछ खाने को मिल जाये तो यह सफर को और भी मजेदार बना देता है | bullet train में आपको फ़ूड फैसिलिटी प्रोवाइड कराई जाएगी | 
  • शोर-शराबे से फुरसत- लम्बे सफर में यदि शोर- शराबा हो तो यात्री को सफर के दौरान बहुत ही असुविधा होती है | इन ट्रेनों की खिड़कियों में एक खास तरह का ग्लास लगाया जायेगा | जिससे सफर के दौरान होने वाले शोर को कम किया जा सके | 
  • पॉवर इंजन- इन ट्रेनों में खास तरह के इलेक्ट्रॉनिक पावर इंजन का प्रयोग किया जायेगा | ये इंजन कुछ ही सेकेंडो में अपनी गति को तेज और धीरे कर सकेंगे |         

भारत में bullet train की तैयारी जोरों पर   

भारत में बुलेट ट्रेन चलाने की घोषणा वर्ष 2015 में की गयी | पहले फेज में bullet train मुंबई से अहमदाबाद तक चलाई जाएगी | इस परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2017 के सितम्बर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने किया | वर्ष 2022 तक इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लेने की तैयारी की गयी थी | लेकिन कोरोना महामारी के कारण इस प्रोजेक्ट में देरी हुई | अब इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की डेड लाइन वर्ष 2026 तय की गयी है | 

बुलेट संचालन के लिए जापान ने बढ़ाया मदद का हाथ 

जल्द ही आपको भारत में जापान के तर्ज पर बुलेट ट्रेन दौड़ती नजर आएंगी | भारत में bullet train संचालन के लिए 10, 8000 करोड़ रुपए का खर्च आ रहा है | इसके लिए जापान ने भारत को 88000 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद दी है | यह कर्ज भारत को 50 साल में जापान को वापस करना है | इस कर्ज का ब्याज दर 0.1 फीसदी रखा गया है | 

मेक इन इंडिया को मिलेगा बढ़ावा –

बुलेट ट्रेन के संचालन से भारत में मेक इन इंडिया को काफी बढ़ावा मिलेगा | भारत के इजीनियरों को जापान की इस तकनीकी को सीखने का अवसर मिलेगा | bullet train में उपयोग होने वाले कलपुर्जे भारत के कारखानों में निर्मित किये जायेंगे | Bullet train के आने से देश में लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे | 

जापान इंटरनेशनल कारपोरेशन एजेंसी ने बनाई रिपोर्ट   

भारत में बुलेट ट्रेन कैसी होगी और कहां कहां इसके स्टेशन बनेगे, किस तरह के रुट को बनाया जाये आदि बातों को ध्यान में रखते हुए जापान इंटरनेशनल कारपोरेशन एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट बना ली है | इस रिपोर्ट के अनुसार मुंबई से अहमदाबाद के बीच 12 स्टेशन बनाये जायेंगे | इस रुट की कुल लंबाई 508 किलोमीटर की होगी यह दूरी बुलेट ट्रेन मात्र 2 घंटे 7 मिनट में पूरी करेगी |  

Bullet train का रुट डबल लाइन का बनाया जायेगा यह रुट महाराष्ट्र में 156 किमी, गुजरात में 351 किमी, और दादर नगर हवेली में 2 किमी का होगा | इस रुट में 7 किमी का हिस्सा समंदर के अंदर से गुजरेगा | 

बुलेट ट्रेन चलाने की ट्रेनिंग देगा जापान 

भारत और जापान के बीच हुए समझौते में जापान ने भारत को Bullet train चलाने की तकनीकी को सिखाने की सहमति जताई है | इसके लिए भारत ने गुजरात के वडोदरा में हाई स्पीड रेल ट्रैंनिंग इंस्टिट्यूट खोल दिया है | इस इंस्टिट्यूट में जापान के इंजीनियर्स द्वारा लगभग 4000 लोगों को Bullet train ऑपरेशंस और मेंटेंनेस की ट्रेनिंग दी जाएगी | 

वर्तमान में भारत की हाई स्पीड ट्रेनें  

वर्तमान समय में भारत में चलने वाली हाई स्पीड ट्रेनों के नाम इस प्रकार है |

  • वन्देभारत एक्सप्रेस – 15 फ़रवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ट्रेन का उद्घाटन किया | यह ट्रेन 180 किमी/ घंटा की स्पीड से दिल्ली से वाराणसी और दिल्ली से कटरा(जम्मू ) के बीच चलती है | 
  • गतिमान एक्सप्रेस – गतिमान एक्सप्रेस देश की दूसरी सबसे तेज चलने वाली ट्रेन है | इसकी औसत रफ़्तार 160 किमी/ घंटा रहती है | 
  • नई दिल्ली कानपुर शताब्दी ट्रेन – दिल्ली से कानपुर के बीच चलने वाली इस ट्रेन की गति 140 किमी/ घंटा रहती है |  
  • तेजस एक्सप्रेस – विमान जैसी सुविधाएं देने वाली भारत की तेजस ट्रेन 140 किमी/घंटा की रफ़्तार से दिल्ली से मुंबई और दिल्ली से लखनऊ के बीच चलती है |  
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बुलेट ट्रेन से जुड़ी कुछ रोचक बातें –

  • 1930 में पहली बार जापान ने हाई स्पीड ट्रेन बनाने का विचार किया | 
  • 1964 में जापान ने अपनी पहली हाई स्पीड ट्रेन चलाई | इस ट्रेन का नाम बुलेट ट्रेन रखा गया | 
  • जापान की मैग्लेव बुलेट ट्रेन ने 581 किमी/घंटा की रफ़्तार से चलने का रिकॉर्ड बनाया है | 
  • मैग्लेव बुलेट ट्रेन मैग्नेटिक लेविटेशन ट्रेन इलेक्ट्रो मैग्नेटिक के बल पर पटरी से 10 मिलीमीटर ऊपर हवा में चलती है | 
  • यह ट्रेने वायुयान के किराये से कम में आपको समान दूरी की यात्रा कराती है | 
  • स्पीड रेल नेटवर्क चीन के पास सबसे अधिक लम्बा हाई स्पीड रेल नेटवर्क है इसकी कुल लम्बाई 9356 किलोमीटर है | 
  • सबसे अधिक बुलेट ट्रेन चलाने वाला देश चीन है | 

हम उम्मीद करते है आपको हमारा यह आर्टिकल जरूर पसंद आया होगा | हम भविष्य में भी बुलेट ट्रेन की नई – नई जानकारियों से आपको रूबरू कराते रहेंगे | यदि आप बुलेट ट्रेन से जुड़ी कोई भी खबर जानते है तो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएँ | धन्यवाद

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