सर्दी – जुखाम होने से कैसे खुद को बचायें ?

सर्दी - जुखाम

बदलते मौसम में अक्सर लोग सर्दी- जुखाम से परेशान रहते है | छः से सात दिनों तक रहने वाली यह बीमारी लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है | 

जुखाम होने पर गले में खराश, नाक बंद होना, कफ, सूखी खांसी, बुखार आदि लक्षण दिख सकते है | 

यदि समय पर उपचार न किया जाये तो यह अधिक दिनों तक हमारे शरीर में बनी रहती है | 

इस विषय से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने की लिए इस आर्टिकल को पूरा पढ़े | 

सर्दी – जुखाम कैसा रोग है

यह एक प्रकार का संक्रामक रोग है | जो मनुष्य की श्वासनलिका को संक्रमित करता है | 

अधिकतर मामलों में इसे फैलने का मुख्य कारण रायनो वायरस माना जाता है | पर इसके अलावा सर्दी- जुखाम फ्लू या एलर्जी के कारण भी हो सकता है |

सर्दी – जुखाम कैसे फैलता है ?

जुखाम होने के निम्न कारण है | 

वायरस- सर्दी जुखाम होने का मुख्य कारण वायरस है | यह वायरस बहुत तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फ़ैल जाते है | जुखाम होने के लिए रायनो वायरस जिम्मेदार होता है | 

यह वायरस एक आरएनए युक्त वायरस है जोकि पाईकोर्नावाईराइड परिवार से होता है | 

प्रसार- संक्रमित व्यक्ति द्वारा खांसने या छींकने पर इसके वायरस हवा में फ़ैल जाते है | यदि स्वस्थ व्यक्ति उस हवा के संपर्क में आ जाये तो उसे सर्दी-जुखाम हो सकता है | 

अधिकतर बंद जगहों यह बीमारी तेजी से फैलती है | संक्रमित व्यक्ति के साथ अधिक देर तक साथ रहने वाला व्यक्ति बहुत जल्द ही इस बीमारी से संक्रमित हो सकता है | 

इसके अलावा अच्छी रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों को इस बीमारी का संक्रमण कम होगा | और खराब रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों पर सर्दी – जुखाम का असर ज्यादा देखने को मिलता है | 

मौसम- जुखाम ज्यादातर बदलते मौसम या सर्दियों में होता है | इसका मुख्य कारण यह है कि ठन्डे या कम आद्रता वाले स्थानों में जुखाम के वायरस की सक्रियता अधिक रहती है | जिसके कारण ये बहुत जल्द ही मनुष्य को संक्रमित कर देती है | 

ठंडे खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल से- गर्मियों के महीनों में बाहर से आते ही अक्सर लोग ठंडा पानी,लस्सी या आइसक्रीम खा लेते है |

क्योंकि बाहर से आने पर हमारे शरीर का तापमान अधिक रहता है | अचानक से ठंडी चीजों के इस्तेमाल करने से शरीर के प्रतिरोधक क्षमता पर सीधा असर पड़ता है | जिससे सर्दी – जुखाम होने की उम्मीद बढ़ जाती है | 

अन्य – सर्दी – जुखाम से छोटे बच्चे बहुत जल्दी-जल्दी संक्रमित होते है | और उनके साथ घर के बड़े लोगों को भी यह अपनी चपेट में ले लेता है | 

कुछ बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता अच्छी होती है तो कुछ की कमजोर | बच्चो में इस बीमारी को लेकर न ही इतनी जागरूकता होती न समझ | इसलिए वो आपस में इतना बीच बचाव नहीं कर पाते | जिसके फलस्वरूप उनमें संक्रमण फैलने की दर अधिक होती है | जुखाम होने का मुख्य कारण कमज़ोर प्रतिरक्षा प्रणाली है। शारीरिक कुपोषण वाले व्यक्ति जुखाम से नहुत जल्दी जल्दी संक्रमित होते है |

सर्दी - जुखाम

सर्दी जुखाम के लक्षण – 

जुखाम होने पर निम्न लक्षण दिखाई देते है | 

  • गले में खराश, खिच – खिच और कफ जमा होना | 
  • सूखी या कफ के साथ खांसी आना | 
  • लगातार छींक आना | 
  • नाक बंद होना, नाक से पानी आना, नाक में जलन जैसा अनुभव होना | 
  • आँखों से आंसू गिरना | 
  • सर में दर्द , सर भारी सा लगना |   
  • मांसपेशियों में दर्द होना |  
  • बुखार आना | 

जुखाम होने पर अपनाये घरेलू नुस्खे 

  • शहद, नींबू और इलायची का मिश्रण – यदि आपको बार – बार खांसी आती है | इसके लिए आप आधा चम्मच शहद में एक चुटकी इलायची और कुछ बूंद नींबू के रस का आपस में मिला ले | इसे दिन में 2 बार पिएं | आपको सर्दी – जुखाम से बहुत जल्द आराम मिलेगा | 
  • गर्म पानी – गले की खराश के लिए गर्म पानी काफी फायदेमंद होता है |
  • हल्दी वाला दूध – हल्दी में कई एंटीऑक्सीडेंट होते है जो हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को अच्छा  बनाता है | जुखाम में हल्दी वाला दूध काफी फायदेमंद होता है |  
  • गर्म पानी और नमक से गरारे – गर्म पानी में एक चुटकी नमक मिलाकर गरारे करने से गले की खराश में आराम मिलता है |
  • अदरक वाली चाय- जुखाम में आप अदरक वाली चाय पी सकते है |
  • काढ़ा- तुलसी, लौंग , कालीमिर्च, इलायची का काढ़ा बना कर आप इसके सेवन कर सकते है | यह काढ़ा आप दिन में दो से तीन बार पी सकते है | यह काढ़ा सर्दी – जुखाम में एक अचूक उपाय है |
  • आँवला- आँवले में विटामिन सी अधिक मात्रा में पाया जाता है जो हमारे खून संचार को बेहतर करता है | आप इसको अचार मुरब्बे, चटनी के रूप में प्रयोग कर सकते है |
  • अलसी – अलसी के बीजों को पानी में उबाल लें और उसमें नींबू का रस और शहद मिलकर खाये | यह मिश्रण जुखाम और खासी में काफी असरदार है |
  • अदरक और नमक- अदरक के छोटे टुकड़े काट कर उन पर नमक छिड़क | खांसी आने पर इन टुकड़ो को खाये | आपको खांसी से तुरंत राहत मिलेगी |
  • अनार का जूस –  अनार के जूस में थोड़ी अदरक और पिपली का पाउडर डाल कर पीने से सर्दी – जुखाम में आराम मिलता है |
  • गर्म पेय पदार्थो का सेवन करे- जुखाम में गर्म पेय पदार्थो का सेवन अधिक करे | 

सर्दी – जुखाम से रोकथाम- 

सर्दी-जुखाम होने से बचने के लिए हमें निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए |

  • सार्वजनिक जगहों पर मास्क का प्रयोग करना | 
  • अपने हाथ और मुँह को समय – समय पर धुलते रहे |
  • बंद जगहो पर लगातार न बैठे | 
  • संक्रमित व्यक्ति से मास्क लगा कर ही बात करे |  
  • प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के पौष्टिक आहार ले | 
  • विटामिन सी युक्त फलों का सेवन करे | 
  • प्रतिदिन दूध पिएं | 
  • हरी सब्जियों का सेवन करे |

जुखाम में उपयोग की जाने वाली कुछ दवाएं – 

  • ग्रिलिकत्स कफ सिरप 
  • एकोन 
  • टस्क डीएक्स
  • सिटरजिन 
  • विकोरील टैबलेट 

हम उम्मीद करते है आपको हमारे आर्टिकल में सर्दी- जुखाम से जुड़ी जानकारियाँ बेहद पसंद आयी होगी |

हमारा यह आर्टिकल आपको कैसा लगा आप कमेंट में बता सकते है अपने विचार और सुझाव हमसे जरूर साझा करे | यदि आपको स्वास्थ से जुडी कोई भी जानकारी चाहिए तो हमे कमेंट करके जरूर बताये | | धन्यवाद  

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