मृत्यु के बाद भी आत्माएं क्यों अपने परिवार के साथ रहना चाहती है ?

धर्म के अनुसार इंसान की आत्मा को अजर और अमर बताया गया है।

हिन्दू ग्रन्थ गरुण पुराण में बताया गया है कि इंसान की मृत्यु के 24 घंटे बाद आत्मा परिवारजन के पास आती है, और 13 दिन तक साथ रहती है।

परिवार में हर व्यक्ति एक दूसरे से मोह के बंधन में बंधे होते है, जिस कारण आत्मा भी अपने परिवार मोह के कारण अलग नहीं होना चाहती।

13वे दिन तर्पण और पिंड दान प्रक्रिया होने के बाद आत्माएँ यमलोग जाने के लिए तैयार हो जाती है।

शास्त्रों के अनुसार 13 दिन के बाद आत्मा को एक नए शरीर का स्वरूप मिल जाता है और उन्हें दूसरे जीवन चक्र में प्रवेश करना होता है।

जो लोग मृत्यु के बाद पिंडदान नहीं देते उन्हें काफी कष्टदायक तरीके से यम लोक का सफर तय करना पड़ता है।

इसलिए लोग अपने पूर्वजों का पिंडदान देकर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करते है।