क्यों ऑगस्टस सीजर के नाम पर रखा गया अगस्त महीने का नाम ?

साल का आठवाँ महीना “अगस्त’’ इस महीने का मनुष्य जीवन में एक अलग ही स्थान है | अगस्त महीने के शुरू होते ही गर्मी अपनी तपिश को कम कर देती है और बारिश अपने सुहावनेपन से सभी को प्रसनचित करती है | क्या आप जानते है इस महीने का नाम ऑगस्टस सीजर के नाम पर रखा गया |    

हम आपके लिए अगस्त महीनें  से जुड़ी कुछ खास जानकारियाँ लेकर आये है इन्हें जानने के लिए कृपया हमारे आर्टिकल को पूरा पढ़े |

अगस्त महीने में अगस्त शब्द का अर्थ ? 

अगस्त शब्द का अर्थ है प्रशंसा और प्रेरक | रोम के शासक ऑगस्टस सीजर ऐसे ही राजा थे जिनकी प्रशंसा हर तरफ थी | इसलिए इनके नाम को हमेशा के लिए यादगार बनाने के लिए सेक्सटिलस को अगस्त का नाम दिया गया ( रोमन कैलेंडरों में अगस्त को ‘’ सेक्सटिलस ’’ कहा जाता था ) |  

अगस्त महीनें को अलग – अलग भाषाओं में कुछ इस प्रकार से बोला जाता है |

  • चीनी ( मंदारिन ) – बेयू 
  • डेनिश – अगस्त 
  • फ्रेंच – आयत 
  • इटालियन – एगोस्टो 
  • लैटिन – ऑगस्टस 
  • स्पैनिश – एगोस्टो  

कैसे पड़ा अगस्त महीने का नाम ?

अगस्त महीने का नाम सम्राट ऑगस्टस के नाम पर इसलिए रखा गया | क्योंकि रोम के अलावा पूरे विश्व में  सम्राट ऑगस्टस सीजर की चर्चा थी | और इनके नाम को सम्मान देने के लिए इस महीने का नाम अगस्त रखा गया | | 

प्रारंभिक जीवन 

ऑगस्टस सीजर का असली नाम गयस ऑक्टावियस थुरिनस था | इनका जन्म 23 सितम्बर, 63 ईसा पूर्व में रोम में हुआ | 59 ईसापूर्व में जब ऑगस्टस सीजर चार वर्ष के थे तभी इसके पिता की मृत्यु हो गयी थी | इसके बाद इनकी माँ अतिया ने सीरिया के पूर्व गवर्नर लूसियस मर्सियस फिलिप्स से शादी कर ली |

जिसके कारण  ऑगस्टस सीजर का बचपन उनकी दादी जूलिया के साथ गुजरा | परन्तु 51 ईसापूर्व में इनकी दादी जूलिया की भी मृत्यु हो गयी और जिसके बाद इनकी माता अतिया और सौतेले पिता फिलिप्स ने इनका ध्यान रखा | 

जूलियस सीजर की गद्दी संभाली |   

ऑगस्टस सीजर को इनके मामा जूलियस सीजर ने दत्तक पुत्र के रूप में गोद ले रखा था | 44 वर्ष की उम्र में जूलियस सीजर की हत्या के बाद उनकी वसीयत के अनुसार ऑगस्टस को सम्पूर्ण संपत्ति देने की बात कही गयी थी |

इसलिए 18 साल की उम्र में ऑगस्टस सीजर ने राज्य का कार्यभार संभाला | इसके बाद इन्होनें रोम की जनता के लिए काफी सरहनीय कार्य करे |  

शासनकाल 

इतिहास में ऑगस्टस को रोम का सबसे महान सम्राट माना गया है | उनकी नीतियों से रोम के साम्राज्य में आर्थिक और सामाजिक सुधार हुए है, ऑगस्टस सीजर ने पैक्स रोमाना (रोमन राज्य में आने वाले क्षेत्र जिसमें दो शताब्दियों तक शांति और समृद्धि रही हो ) के लिए अथक प्रयास किये |

क्योंकि ऑगस्टस एक बुद्धिमान, निर्णायक और एक सफल राजनीतिज्ञ था इसलिए उसका शासन अधिक स्थायी साबित हुआ | रोम शहर का हर व्यकित ऑगस्टस के निर्णय क सम्मान करता था |

 ऑगस्टस सीजर की उपलब्धियां 

  • ऑगस्टस ने मार्क एंटनी और मार्कस एमिलियस लेपिडस के साथ मिलकर दूसरा ट्रायमवीरेट बनाया था ।
  • ऑगस्टस सीजर ने रोम को एक प्रधानमंत्री देने की बात कही उसने कहा कि देश में एक ऐसी राजनीतिक व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें लोगो को अपने हक़ की बात रखने की आजादी हो | 
  • ऑगस्टस सीजर के शासन में रोम शहर में सड़कों का एक नेटवर्क बनाया गया ताकि वहां व्यापार और संचार करने में आसानी हो सके | 
  • सम्राट ने अपने राज्य में पुलिस और अग्निशामक बल की स्थापना की ताकि वहां की जनता में शांतिव्यवस्था बनी रहे | 
  • इन्होनें अपने शासन काल में कई मंदिरों के निर्माण और मरम्मत का कार्य करवाया | 
  • ऑगस्टस सीजर एक शासक के अलावा एक महान योद्धा था उसने पार्थियन, मिस्र , जर्मन, और कई लड़ाइयों में विजयी प्राप्त की थी | 
  • ऑगस्टस के कुशल शासन व्यवस्था के कारण उसे ‘’ रोम के पिता ‘’के नाम से जाना गया | 
  • सीजर ने 7 ईसापूर्व में रोम को इटली की राजधानी के रूप में चुना |  
  • ऑगस्टस सीजर ने सार्वजानिक और व्यापारिक क्षेत्रो में राजस्व सुधार किये |
  • आज भी इनके शासन काल को शांति के लिए याद किया जाता है |
  • इन्होने अपने शासन में एक नगरपालिका प्रीफेक्ट की स्थापना की | 
  • ऑगस्टस की मृत्यु 14 ईसापूर्व में हुई | 

यह जानकारी तो रही अगस्त महीने की | कि क्यों अगस्त का नाम अगस्त पड़ा | पर क्या आप साल के हर महीनों के विषय में जानते है यदि नहीं तो हम आपको बताएंगे कि साल के हर महीने का नाम किसके कारण रखा गया  कृपया आर्टिकल को आगे पढ़े | 

  • जनवरी – जनवरी महीने का नाम रोमन के देवता ‘’जेनस’’ के नाम पर रखा गया | लोगों की मान्यता है कि जेनस के दो चेहरे है | एक चेहरे से वो आगे देखते है दूसरे से पीछे की ओर | इसी तरह जनवरी भी पिछले साल की यादों को समेटे हुए नए साल में प्रवेश करता है | जेनस को लैटिन भाषा में जैनअरिस कहा जाता है जो बाद में जेनुअरी हो गया | 
  • फरवरी – इस महीने का सम्बन्ध लैटिन भाषा ‘’फैबरा’’ से लिया गया है | जिसका मतलब होता है शुद्धि की दावत | 
  • मार्च –  मार्च महीने का नाम रोमन देवता ‘’ मार्स ‘’ के नाम पर पड़ा | रोमन वर्ष की शुरुआत इसी महीने से होती है | यह महीना शीत ऋतु समाप्त कर ग्रीष्म ऋतु में प्रवेश करता है | 
  • अप्रैल – इस महीने की नाम लैटिन शब्द ‘’एस्पेरायर’’ पर रखा गया | जिसका मतलब होता है खुलना | इस महीने में फसले पकने लगती है और कलियाँ खिलकर फूल बनने लगती है | इसलिए इसे अप्रैल बोला जाता है | 
  • मई – इस महीने का नामकरण रोमन देवता मरकरी की माता ‘’ मइया’’ के नाम पर रखा गया |  
  • जून – यह महीना जियस देवता की पत्नी जूनो के नाम पर पड़ा | साल का यह महीना भीषण गर्मी और बड़े दिनों के लिए जाना जाता है | 
  • जुलाई – राजा जूलियस सीजर का जन्म और मृत्यु दोनों इसी महीने में हुई | इसलिए उनकी याद में इसे जुलाई बोला जाता है |   
  • अगस्त – जूलियस सीजर के भतीजे ऑगस्टस सीजर के नाम को यादगार बनाने के लिए सेक्सटिलस को नाम बदल कर अगस्त रखा गया |  
  • सितम्बर- रोम में सितम्बर को सैप्टेम्बर कहा जाता था | लैटिन भाषा ने सेप्टै का अर्थ होता है सात और बर का अर्थ होता है वां या सातवाँ लेकिन बाद में यह महीना नौवा महीना बना | 
  • अक्टूबर – लैटिन भाषा के ‘’आक्ट’’ से बना अक्टूबर साल का दसवां महीना होता है | यह महीना शीत ऋतु के आगमन का प्रतीक है |  
  • नवंबर – नवंबर शब्द लैटिन भाषा के ‘’नोवेम्बर’’ से है | 
  • दिसंबर – लैटिन शब्द ‘’ डेसेम’’ से बना दिसंबर साल का आखिरी और बारहवां महीना होता है |

हम उम्मीद करते है आपको हमारे द्वारा बताई गयी जानकारी बहुत ही पसन्द आयी होगी | अगर आप अगस्त महीने या ऑगस्टस सीजर के जीवन से जुडी कोई भी जानकारी जानते है तो हमे कमेंट में बता सकते है | हम आपको भविष्य में भी इतिहास के ऐसे ही महान शख्सियतों से रूबरू कराते रहेंगे | धन्यवाद

Leave a Reply

Your email address will not be published.